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देश में मिडिया की क्या हालत हो रखी है – mainstream media vs GodiMedia क्या कर रही है.

देश में मिडिया की क्या हालत हो रखी है – mainstream media vs GodiMedia क्या कर रही है. मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। किसी भी देश की उन्नति व प्रगति में मीडिया का बहुत बड़ा योगदान होता है।अगर कहा जाए कि मीडिया समाज का निर्माण व पुनर्निर्माण करता है, तो यह गलत नहीं होगा। लेकिन भारतीय गोदी मीडिया ने इन सब वाक्यांश को गलत साबित कर दिया है। #GodiMedia

  • क्यों डिबेट नहीं होती – जीडीपी पर?
  • क्यों डिबेट नहीं होती – काले धन पर?
  • क्यों डिबेट नहीं होती – महंगाई पर?
  • क्यों डिबेट नहीं होती – बेरोजगारी पर?
  • क्यों डिबेट नहीं होती – किसानों पर?
  • क्यों डिबेट नहीं होती- निजीकरण पर?

Mainstream media vs GodiMedia

🔸क्या आपको मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी ये बताया कि स्वीडन एक ऐसा देश है जहाँ कभी लॉकडाउन नहीं लगाया गया और जहां पब्लिक प्लेस पर आज भी मास्क पहनने की ज़रूरत नहीं होती।

🔸क्या आपको मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी यह बताया कि तंजानिया के राष्ट्रपति जॉन मगफुली ने RT-PCR टेस्ट को फ़र्ज़ी साबित करने के बाद इसे सामान्य बीमारी कहते हुए अपने देश में lockdown नहीं लगाया।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी आपको बताया कि तुर्कमेनिस्तान एक ऐसा देश है जिसने लॉकडाउन तो छोड़िए अपने देश में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, कोरोना वायरस जैसे शब्दों पर बैन लगा रखा है और आदेश है कि अगर मीडियाकर्मी ‘coronavirus’ शब्द पर डिस्कशन करते हुए पाए जाते हैं तो उनको गिरफ़्तार किया जाए।

🔸क्या आपको mainstream media ने कभी बताया कि Western countries में लोग शुरू से कोविड को षड्यंत्र बताते हुए सरकार के कोविड प्रतिबंधों मास्क,सोशल डिस्टेनसिंग, वैक्सीन और lockdown के खिलाफ सड़कों पर बड़ी तादाद में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

🔸क्या आपको मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी बताया कि Dr. Reiner Fuellmich के नेतृत्व में 1000 वकीलों और 10000 मेडिकल एक्सपर्ट्स की टीम ने WHO, CDC और दावोस ग्रुप के खिलाफ़ 1947 के Nuremberg code के उल्लंघन एवं ‘क्राइम अगेंस्ट ह्यूमैनिटी’ के लिए अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ क्रिमनल में 8 मई 2021 से लीगल कार्यवाही शुरू कर दी है।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी बताया कि भारत में देशी समझी जाने वाली covishield and Co vaccine असल में भारत ने बनाई हैं? या फिर ये दोनों ही बिलगेट्स की वैक्सीन हैं।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी बताया? कि कैसे मार्च 2020 में सीरम इंस्टिट्यूट ने 5 करोड़ वैक्सीन बनाकर स्टॉक में रख दी थी।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने आपको बताया कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित फ्रेंच वायरलॉजिस्ट luc montagnier ने वैक्सीनेशन के साथ दुनियाभर में मौत बढ़ने की बात कहते हुए वैक्सीनेशन को गंभीर ऐतिहासिक भूल बताया (TV9 अपवाद)

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी बताया कि विश्वरूप राय चौधरी नाम का एक व्यक्ति जनवरी 2020 से इस महामारी को सबूतों के साथ प्लान्ड और फर्जी बता रहा है क्या मीडिया ने बताया उनके क्या तर्क हैं जिस आधार पर वह इसे फेक पेंडेमिक बता रहे हैं।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने कभी बताया कि विश्वरूप राय चौधरी नाम का व्यक्ति बिना मास्क, बिना ग्लब्स, बिना एलोपैथी दवाई के पिछले एक वर्ष से कोविड पेशेंट को ठीक कर रहे हैं वो भी जीरो डेथ रेट के साथ।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने आपको बताया कि भारत के 161 डॉक्टरों की टीम ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस से एक भी डेथ न होने के प्रमाण सौंपते हुए जनजीवन को सामान्य करने हेतु lockdown हटाने की मांग की है।

🔸क्या मैन स्ट्रीम मीडिया ने आपको बताया कि 11 मई 2020 को ICMR द्वारा जारी guildeline के अनुसार डॉक्टर किसी भी, मतलब किसी भी डेथ को कोविड डेथ घोषित कर सकते हैं।

अगर आपका जवाब ‘ना’ में है तो फिर क्यों आप भेड़ बन रहे हो?

विचार कीजिए…..!

कुछ दिनों बाद अंधभक्तों की हालत
PK के आमिर जैसी हो जायगी,
कपडे भी छीन लिए जायगे,
बस मन की बात सुनने के लिए रेडियो बचेगा

गंगा में तैरती सारी लाशें बाबा रामदेव अकेला समेट ले गया.
इसे बोलते हैं मुद्दों से ध्यान भटकाना.

मध्यप्रदेश में 3000 डाक्टरों ने अस्तीफा देदिया इतनी बड़ी बात को बिकाऊ चैनलों ने दिखाया तक नही! कोई और देश होता तो सरकार गिर जाती

मीडिया जो 2013 में महंगाई, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा की बात करता था, आज मीडिया सरकार से सवाल पूछने की जगह सरकार की बातें कर रही है. लेकिन अंधभगत तथ्यों पर नहीं गोदी मीडिया पर विश्वास करते है। आप जितना मर्जी समझा देना वो मानसिक गुलाम हो चुके है।

ऑक्सीजन दवाई चंद हाथो मे थी तो जान पर आफत आई
अनाज भी जब चंद पुंजिपतीओ के हाथो मे होगा तब भूखे मरोगे..

ना बिजली,मिडिया,इन्टरनेट फिर भी हज़ारो किसान सिलगेर मे सरकार के अत्याचार के खिलाफ डटे है

Mainstream media vs GodiMedia

माना कि कांग्रेस का वक़्त, इस समय ठीक नहीं चल रहा है, तो ये भी याद रहे कि भाजपा में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है,वो तो गोदी मीडिया ने इज़्ज़त बचा रख्खी है?

दुसरे पार्टीयों के छुट भैया नेता भी अगर अपनी पार्टी छोङकर बीजेपी ज्वाइन करने आ जाए, तो गोदी मीडिया की नजरों में वह बङा नेता हो जाता है।

  • देश के आज के हालात मैं सरकार के साथ साथ गोदी मिडिया और अंधभक्ततो का बहुत बड़ा योगदान है

गोदी मीडिया लोकतंत्र की सबसे बड़ी कातिल हैं..
आमजन और विपक्ष की आवाज खुद गुम करते हैं..और फिर पूछते हैं..विपक्ष कहाँ हैं..

अगर सही मायने में देखा जाए कोरोना वायरस से भी ज्यादा खतरनाक गोदी मीडिया हैं.. हमने भी ठान लिया एक-एक चैनल के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने की..

इस कोरोना काल के चलते लोगोने बहुत चीजो का विरोध तो किया लेकिन इस गोदी मीडिया के चलते आपका विरोध कितनी देर टिकता?

आज तक समझ नही आया कि वायरस को कैसे पता कि पहली लहर में बूढ़े, दूसरी में जवान और तीसरी में बच्चे संक्रमित होके मरेंगे!?

लिखना तो बहुत चाहता हू लेकिन अगर समझने वाले हो तो लिखने मे खुशी होती है जहा लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए पढ़ना चाहते है उनके मनोरंजन करने के लिए लिखने की मुझे ईच्छा नहीं है मेरा लिखना बदलाव लाने के लिए है।

अभी मेरी बात आपको सत्य लगे या ना लगे पर हकीकत यही है और मुझे पूरा यकीन है कि एक दिन इसे अंधभक्त भी स्वीकार करेंगे क्योंकि “कौय भी सत्य अभिव्यक्त होता है. तो पहले लोग ऊसे ईग्नौर करते है. फिर ऊसे मजाक बनाते हैं. ऊसके बाद ऊसका बहुत विरोध होता है. फीर फायनलि सार्वजनिक तौर पर ऊसका स्वीकार हो जाता है”.

mulnivasi.org का उद्देश्य आपके सामने हकीकत लाना है, भारत मे अनेको वायरस हैं जिनका अभी तक सफल इलाज नहीं, जैसे अंधभक्ति-पाखंड, अंधविश्वास, छूआछूत, जातिवाद, अंन्याय क्रमिक असमानता और शोषण का कोई ईलाज नही। ईसी लिए मूलनिवासी को सपोर्ट करे.

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